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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के चलते GRAP की स्टेज 3 लागू, खनन व निर्माण कार्य सहित इन चीजों पर लगी रोक

Delhi NCR Grap 3rd stage

दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में शुक्रवार को वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने वायु गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकने के लिए गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल ने  वायु प्रदूषण में वृद्धि को देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के तहत प्रतिबंधों को लागू करने का निर्देश दिया है। इससे अब खनन, गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्य पर रोक रहेगी।

दिल्ली का शुक्रवार को गंभीर श्रेणी में पहुंच गया और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 पर रहा जबकि एनसीआर के शहर भिवाड़ी (309), धारुहेड़ा (374), मानेसर (354), गुरुग्राम (364) नोएडा ( 341 ), ग्रेटर नोएडा (374), गाजियाबाद (335), फरीदाबाद (344) में भी वायु की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है। विशेषज्ञों के मुताबिक नए साल में और ज्यादा सर्दी पड़ने वाली है। इससे वायु गुणवत्ता गंभीर से बेहद गंभीर में जा सकती है।

बीएस 3 पेट्रोल व बीएस 4 डीजल वाहन पर लगा बैन

CAQM द्वारा लगाए गए GRAP-3 के प्रतिबंधों के अंतर्गत अब दिल्ली के सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह के तोड़-फोड़ पर भी रोक लग गई है। साथ ही खनन पर भी बैन लगाया गया है। साथ ही बीएस-3 पेट्रोल (BS-3 Petrol Vehicle) और बीएस-4 डीजल (BS-4 Deisel Vehicle) पर बैन लगा दिया गया है। ईंट भट्ठे पर भी बैन लगा दिया गया है।

इस तरह के प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्य और तोड़फोड़ पर पर नहीं है रोक

सीएक्यूएम ने कई सरकारी और जरूरी प्रोजेक्ट्स पर रोक नहीं लगाई है। जिनमें रेलवे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट और अंतरराज्यीय बस अड्डे, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के लिए जरूरी प्रोजेक्ट पर ग्रेप के तीसरे चरण के प्रविधान लागू नहीं होंगे। अस्पताल, हाईवे, फ्लाईओवर, पुल, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर सप्लाई प्लांट पर भी रोक नहीं रहेगी। दूध-डेयरी, दवा सहित अन्य जरूरी चीजों पर बैन नहीं रहेगा। बता दें कि सुबह के समय पूरे दिल्ली-NCR में कोहरे और धुंध की चादर छाई रहती है। इस कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गले में खराश से लेकर आखों में जलन जैसी परेशानिया झेलनी पड़ रही है।

6 कैटेगरी में परखी जाती है हवा की गुणवत्ता

वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) एक नंबर होता है जिसके जरिए हवा की गुणवत्ता को आंका जाता है। इससे वायु में मौजूद प्रदूषण के स्तर का भी पता लगाया जाता है। एक्यूआई की रीडिंग के आधार पर हवा की गुणवत्ता को छह कैटेगरी में बांटा गया है। शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है।

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