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राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित हुई अंतर महाविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता, कोटपूतली की बेटी अंजू ने जीता स्वर्ण पदक

Kotputli. राजस्थान विश्वविद्यालय की ओर से राज्य स्तरीय अंतर महाविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कोटपूतली के राजकीय एलबीएस पीजी कालेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंजू कसाना ने स्वर्ण पदक हासिल किया है।  अंजू ने यह स्वर्ण पदक प्रदेश स्तर पर 65 किलोग्राम भार वर्ग फ्री स्टाईल कुश्ती प्रतियोगिता में प्राप्त किया है। अंजू आगामी 9 जनवरी को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व भी करेगी। अंजू हरियाणा के हिसार स्थित सुशील कुमार एकेडमी में जसवीर कोच के पास ट्रेनिंग प्राप्त कर रही है। अंजू की सफलता से उनके ग्राम सुन्दरपुरा सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उनके पिता महेन्द्र सिंह कसाना एक सामान्य किसान व माता संतोष देवी गृहणी है। अंजू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता सहित राजकीय महाविधालय की प्राचार्या को दिया है। अंजू का सपना एक दिन देश के लिए ओलम्पिक मैडल जीतना है।

सोशियल मीडिया पर बधाईयों का तांता 

– अंजू की सफलता पर सोशियल मीडिया पर बधाईयों का तांता लगा हुआ है। बड़ी संख्या में लोग म्हारी छोरियाँ छोरो से कम है के फिल्मी डॉयलॉग का स्टेटस लगाकर उन्हें बधाई दे रहे है। उल्लेखनीय है कि महिला कुश्ती पहलवान गीता व बबीता फोगाट के जीवन पर फिल्म अभिनेता आमीर खान द्वारा बनाई गई दंगल फिल्म से बड़ी संख्या में बेटियां भी प्रेरणा ले रही है। आम तौर पर कुश्ती, पहलवानी व दंगल जैसे खेलों को पुरूष प्रदान माना जाता है। जिसमें सामान्य तौर पर फौज व पुलिस की तैयारी कर रहे किसान परिवार से आने वाले युवा ही भाग लेते है। समीपवर्ती राज्य हरियाणा की तुलना में बेटियां भी अब इस पुरूष प्रदान खेल में धीरे-धीरे अपने हाथ आजमाने लगी है। जो कि खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे कोटपूतली के लिए भी अच्छी खबर है। विगत दिनों जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में सांगटेड़ा की बेटी मुस्कान पुत्री रमेश जाट ने भी 62 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मैडल जीता था। जो कि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। इससे पूर्व अंजू भी झुन्झुनु के ग्राम पथाना में आयोजित हुई सब जुनियर कुश्ती प्रतियोगिता के 53 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीत चुकी है।

स्वर्ण पदक हासिल करने वाली छात्रा अंजू कसाना।

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