♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

हिमाचल में कांग्रेस की जीत के बाद किसके सिर सजेगा ताज

NCR Times New Delhi. हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच सियासत ने गर्माहट ला दी है। 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए गत 12 नवंबर को हुए मतदान के बाद गुरुवार को वोटों की गिनती शुरू हुई तो सत्ताधारी भाजपा के लिए खतरे की घण्टी बजने लगी जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के लिए खुशखबरी आने लगी। पांच साल तक विपक्ष में रहने वाले कांग्रेस नेता अब सत्ता के दावेदार बन गए हैं। जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर भाजपा के लिए जोड़तोड़ के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा और कांग्रेस की बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती बढ़ी विपक्ष में बैठी कांग्रेस को बढ़त मिलती चली गई। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। प्रदेश की स‍िराज विधानसभा सीट पर जयराम ठाकुर ने बड़ी जीत दर्ज की है। हिमाचल में मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पांच नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।

 

‘हमें किसी का डर नहीं’

चुनावों में साफ बढ़त मिलती देख हिमाचल की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा वीरभद्र सिंह ने राज्य की जनता को शुक्रिया किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि, जनता ने हमें जनादेश दिया है, डरने की जरूरत नहीं है। हम चंडीगढ़ या राज्य में कहीं भी हमारे विधायकों से मिल सकते हैं। जो जीते हैं वे हमारे साथ रहेंगे और हम सरकार बनाएंगे। प्रदेश मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि, सीएम पद को लेकर आखिरी फैसला आलाकमान का ही होगा।

सुधीर शर्मा

धर्मशाला से कांग्रेस के प्रत्याशी सुधीर शर्मा पूर्व मंत्री भी हैं। सुधीर शर्मा सोनिया और राहुल गांधी के करीबी भी माने जाते हैं, हालांकि उन्हें साल 2019 में हुए उपचुनवों में टिकट नहीं दिया गया था। शर्मा पहली बार साल 2003 में प्रदेश की बैजनाथ सीट से विधायक चुने गए थे। वहीं, साल 2012 में उन्होंने धर्मशाला से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।

 

सुखविंदर सिंह सुक्खू

तीन बार के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस के दिग्गजों में से एक हैं। वो साल 2013 से 2019 तक लगातार दो बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। अगर वो इस बार भी जीत जाते हैं तो वह चौका लगाने में कामयाब हो जाएंगे। हालांकि, सुक्खू कभी भी मंत्री नहीं रहे, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में अच्छी पकड़ होने के कारण वो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं। माना जा रहा है कि, अगर सुक्खू खेमे के सभी विधायक जीत गए तो संख्या बल के आधार पर सीएम पद के मजबूत दावेदार होंगे।

 

राम लाल ठाकुर

राम लाल ठाकुर पांच बार विधायक रह चुके हैं। वो पहली बार 1985 में विधानसभा के लिए चुने गए थे। साथ ही वो पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वफादारों में से एक माने जाते हैं। वो मंत्री भी रह चुके हैं और संगठन में भी अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ऐसे में अगर श्री नैनादेवी जी सीट से राम लाल ठाकुर जीत जाते हैं तो वो भी कांग्रेस के मुख्यमंत्री के दावेदारों में से एक हो सकते हैं।

 

मुकेश अग्निहोत्री

हिमाचल में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ऊना की हरोली विधानसभा सीट से पांचवी बार चुनावी मैदान में हैं। वो साल 2003 से लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों मुकेश अग्निहोत्री ने पत्रकारिता करते हुए राजनीती में प्रवेश किया। वो 2012 से 2017 की कांग्रेस सरकार में उद्योग और लोक संपर्क विभाग के मंत्री रह चुके हैं।

प्रतिभा सिंह

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। मौजूदा समय वो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, हालांकि वो अभी विधायक नहीं हैं। पिछले साल हुए उपचुनावों में भाजपा के ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को हरा कर लोकसभा पहुंचीं थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस ने यह बड़ा उल्टफेर किया था। वो पहले भी सांसद रह चुकी है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

केंद्र सरकार के कामकाज से क्या आप सहमत हैं

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129