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युद्धस्तर पर लम्पी रोग के उपचार एवं रोकथाम के लिए पुख्ता प्रबन्ध, बिना टेंडर दवाईयां खरीदने के दिए निर्देश

15 अगस्त को होगी मुख्यमंत्री निवास पर अहम बैठक

– वीसी के जरिए जुडे़ंगे ग्राम पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधि व अधिकारी

एनसीआर टाईम्स, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लम्पी स्किन रोग की रोकथाम के लिए सभी जिला कलक्टर्स को बिना टेंडर दवाईयां खरीदने व युद्धस्तर पर इस महामारी के उपचार एवं रोकथाम के लिए पुख्ता प्रबन्ध करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ पशुओं में फैल रहे इस रोग पर नियंत्रण पाने के लिए कार्य कर रही है। कई जिलों में स्थिति सामान्य भी हो रही है। कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार का जो प्रभावी प्रबंधन रहा वैसा ही आज की परिस्थितियों में जनता, जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के समन्वय से संभव हो पाया है। सरकार दवाईयों, चिकित्सकों, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए धन की कमी नहीं आने दे रही है। राज्य सरकार हर पशुपालक के साथ खड़ी है और सभी के सहयोग से इस संक्रमण से जल्द निजात पा सकेंगे।

 गहलोत ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रभारी मंत्री व जिला कलक्टर्स के साथ लम्पी स्किन रोग की रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक ली। बैठक में श्री गहलोत ने कहा कि गौवंश हमारा सम्मान है, इसका संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए अनुदान की अवधि को 6 माह से बढ़ाकर 9 माह कर दिया गया है। गोपालन विभाग बनाकर गौवंश संवर्धन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। श्री गहलोत ने 15 अगस्त को राज्य के सभी जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच, वार्डपंच, पशुपालक, पंचायती राज, नगर परिषद, नगर पालिका के सदस्य, गौशाला प्रबंधक व अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से अहम बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

कई जिलों में घटी संक्रमण व मृत्यु की दर

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमित पशुओं के उपचार में जुटे चिकित्सकों, वेटेनरी स्टाफ और विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की सजगता और सतर्कता से संक्रमण और मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना काल में विधायकों द्वारा अपने एमएलए फंड से सहायता राशि दी गई, उसी तरह अब भी जारी की गई है। राज्य सरकार की अपील पर बड़ी संख्या मे भामाशाह व स्वंयसेवी संगठन सहयोग के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि रोकथाम के लिए विधायक, महापौर, जिला प्रमुख, प्रधान, सरंपचों सहित सभी जनप्रतिनिधिगण अपने क्षेत्रों में दौरा कर पशुपालकों को जागरूक कर रहे हैं।

 गहलोत ने कहा कि मुख्यतः प्रभावित जिले श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, पाली, बीकानेर, जैसलमेर, बाडमेर, सिरोही, जालौर व जोधपुर में संक्रमण व मृत्यु दर में कमी आई है। साथ ही, जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुंनू व उदयपुर में स्थिति पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। भैंसों में भी संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पशुपालक आश्वस्त रहे राज्य सरकार है आपके साथ

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। रोग निवारक दवाईयों की उपलब्धता पंचायत समिति स्तर तक सुनिश्चित की जा रही है। पशुपालकों की मदद से संक्रमण रहित पशुओं में टीकाकरण का कार्य भी जारी है।

गौशालाओं की साफ-सफाई पर ध्यान

वीसी के माध्यम से जुड़े कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए प्रदेश की सभी गौशालाओं की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों और कर्मचारियों की लगातार मेहनत से सुधार आ रहा है और प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़ा है। बीकानेर विश्वविद्यालय की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। रोग से बचाव में स्वयंसेवी संस्थाएं, भामाशाह और आमजन सहयोग कर रहे हैं। लोग पारंपरिक तरीके से भी उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पशुपालन मंत्री श्री पुरूषोत्तम रूपाला से भी लगातार समन्वय बनाकर उन्हें स्थिति के बारे में अवगत कराया जा रहा है।

सभी प्रभावित जिलों का किया दौरा

गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि उन्होंने सभी प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर दवाईयाें और संसाधनों की उपलब्धता का निरीक्षण किया है। सभी जिलों में पशुओं में रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने की दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है व प्राथमिकता से टीकाकरण करवाया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता में कमी आ रही है, जिसका जल्द निस्तारण किया जाएगा। कुछ क्षेत्रों में रोगी पशुओं के शव दफनाने पर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, ऎसे में शवों को सरकारी भूमि पर वैज्ञानिक तरीके से दफनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

वीसी में शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला, वन मंत्री श्री हेमाराम चौधरी, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, सहकारिता मंत्री  उदयलाल आंजना, सामाजिक अधिकारिता मंत्री  टीकाराम जूली, आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गोविंद राम मेघवाल, कृषि विपणन मंत्री मुरारीलाल मीणा, उप सचेतक विधानसभा महेंद्र चौधरी एवं राजस्थान गौ सेवा आयोग अध्यक्ष मेवाराम जैन ने गहलोत के निर्देश पर अपने-अपने जिलों की स्थिति को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा व रोग की रोकथाम के लिए सुझाव दिए। वीसी के जरिए सभी जिला कलक्टर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में पशुपालन विभाग के शासन सचिव पी.सी. किशन ने प्रस्तुतीकरण के जरिए प्रदेश की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।

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