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‘अग्निपथ’ को लेकर देशभर में बवाल, कई राज्यों में हुआ प्रदर्शन, गाड़ियां व ट्रेनें हुई आग के हवाले

केंद्र सरकार की ओर से सेना में भर्ती के लिए लागू की गई अग्निपथ’ योजना (Agnipath scheme) को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। देशभर में युवाओं ने प्रदर्शन कर अग्निपथ योजना का विरोध किया है। अनेक स्थानों पर वाहनों व ट्रेनों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं। हरियाणा के रोहतक में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने आत्महत्या कर लिया। बताया जा रहा है कि दो साल स सेना भर्ती की तैयारी कर रहा जींद के गांव लिजवाना कलां निवासी सचिन अग्निपथ योजना को लेकर परेशान था। सचिन दो साल गोवा में हुई सेना भर्ती रैली में मेडिकल और फिजिकल टेस्ट पास कर चुका था और अब लिखित परीक्षा बाकी थी। कोरोना व अन्य कारणों से दो साल से लिखित परीक्षा नहीं हो रही थी। राजस्थान के युवाओं को भी अग्निपथ योजना रास नहीं आ रही है और विरोध प्रदर्शन राजधानी जयपुर से निकलकर पूरे राज्य ने फैल गया है। अग्निपथ के खिलाफ राजस्थान के अलवर,अजमेर, जोधपुर,जैलसमेर,झुंझुनूं व सीकर सहित अन्य जिलों में व्यापक रूप स प्रदर्शन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जोधपुर में रातानाड़ा स कलेक्ट्रेट तक युवाओं ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर मेंभारी पुलिस बल मौजूद रहा। अजमेर में युवाओं ने तोड़फोड़ किया, जिन्हें हल्का बल प्रयोग कर पुलिस ने खदेड़ दिया। रेवाड़ी, पलवल, गुरुग्राम सहित देशभर के युवाओं में आक्रोश है। युवाओं का कहना है कि सेना में चार साल की भर्ती करके ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। अग्निपथ योजना लागू करके युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रेवाड़ी में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए तथा बस स्टैंड के सामने सर्कुलर रोड पर प्रदर्शन किया तथा बस स्टैंड से बसों को बाहर निकलने नहीं दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पर प्रभावित रही। पलवल में भी अग्निपथ भर्ती के खिलाफ युवाओं में भारी नाराजगी है तथा हिंसक प्रदर्शन करने का समाचार है।

सरकार ने ‘अग्निपथ’ योजना (Agnipath scheme) के तहत सेना, नौसेना और वायु सेना में चार साल के अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर सैनिकों की भर्ती के लिए योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 साल के युवाओं की भर्ती तीनों सेनाओं में की जाएगी। सरकार का कहना है कि सेना में चार साल की सेवा के बाद 25 फीसद अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। कई विपक्षी राजनीतिक दलों और सैन्य विशेषज्ञों ने भी इस योजना की आलोचना की है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सशस्त्र बलों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसी आशंकाएं हैं कि ‘अग्निपथ’ योजना रेजिमेंटों की संरचना को बदल देगी जो विशिष्ट क्षेत्रों के साथ राजपूत, जाट और सिख युवाओं की भर्ती करती है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना (Agnipath scheme) का उद्देश्य युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने के अवसरों को बढ़ाना है। इसके (Agnipath scheme) तहत कर्मियों की भर्ती सशस्त्र बलों में मौजूदा नामांकन का लगभग तिगुना होगा। यह जानकारी ऐसे वक्‍त में सामने आई है जब एक दिन पहले ही सरकार ने दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव का एलान किया है।

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